सिद्धपीठ तुलसी गुफा को @uptourismgov ने उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े पर्यटन के रूप में किया शामिल किया |


 जब जब भक्त चित्रकूट को याद करते है तो उनके मुख से बस यही दोहा निकलता है -

 "चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर | तुलसी दास चन्दन घिसे तिलक देत रघुवीर ||"

  चित्रकूट का ह्रदय स्थल है रामघाट ह्रदयरूपी जीव है गोस्वामी तुलसी दास जी  जिन्होंने अपनी तुलसी गुफा से संसार रूपी जीव को रामनाम रूपी वर्षा करायी , चित्रकूट के रामघाट में माँ मदाकनी  में डूबकी लगा कर तुलसी गुफा में जाकर रामचरित मानस की चौपाईयो को गाकर भक्त चित्रकूट की यात्रा प्रारंम्भ करते है | इतने महत्व पूर्ण स्थान को उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्या मंत्री जी ने सबसे बड़े पर्यटन के रूप में शामिल किया बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद  गोस्वामी जी की कृपा आप पर बनी रहें| आप भक्तो को भी बताना चाहुगा अगर आप चित्रकूट जा रहें हैं तो तुलसी गुफा जाकर चन्दन का प्रसाद अवश्य प्राप्त करे | तुलसी गुफा की जानकारी अगर आप और अधिक जानना चाहते है तो आप वहा के महंत जी से संपर्क  कर सकते है|

  सम्पर्क सूत्र -   महंत मोहित दास

                       सिद्धपीठ तुलसी गुफा चित्रकूट 

                       मो.नंबर -75 24 84 12 31  

                                     63 87 15 10 66                                               

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