चित्रकूट के पावन धरती प्रभु श्री राम की तपोस्थलीय से आप सभी को ---------------------------------- जय सीयाराम चित्रकूट में गोस्वामी जी का एक अपना अलग महत्व है | गोस्वामी तुलसी दास जी जिनकी मानस गंगा आज घर घर बह रही है | गोस्वामी तुलसी दास जी के एवं उनके रामचरित मानस के प्रेमी भक्तो आपको जानकार हर्ष होगा की आप सभी ऐसे स्थान से जुड़ रहें है| जहाँ पर गोस्वामी तुलसी दास जी को आज से 470 वर्ष पहले भगवान श्री राम का दर्शन हुआ था | तुलसी दास जी सभी तीर्थो में भटकते रहें ,लेकिन भगवान का उन्हें कही दर्शन नही हुआ , तब बनारस (काशी ) में हनुमान जी ने मार्ग दर्शन दिया की आप चित्रकूट जाकर भगवान का भजन करो ,वही भगवान मिलेगे | गोस्वामी तुलसी दास जी महाराज चित्रकूट आकर रामघाट किनारे मिटटी की गुफा बनाकर भजन करने लगे समय आने पर मौनी अमावस्या के दिन संवत 1607 में भगवान का दर्शन हुआ , आप सभी लोग जानते है , की हनुमान जी ने तोते का रूप रख कर दोहा सुनाया था " चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर, तुलसी दास चन्दन घिसे तिलक देत रघुवीर |" आप सभी लोग इस वेबसाइट से जुड़िये tulsidasseva.blogspot.com जिससे आप सभी को चिरकूट के महत्व के साथ साथ तुलसी दास जी के गुफा का एवं ग्रथो का देखने पढने और सुनने का आनंद प्राप्त होगा |हम गोस्वामी तुसी दास जी से प्रार्थना करते है . की आप को भी गोस्वामी तुलसी दास जी जैसी भक्ति मिले |
जय सीयाराम






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